माजरी/खरड़ (साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर), 7 जनवरी 2026:

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के फार्म सलाहकार सेवा केंद्र, मोहाली तथा विश्वविद्यालय के सब्जी विभाग की टीम द्वारा गांव घटौर का दौरा कर एक जागरूकता शिविर लगाया गया। यह दौरा गांव में सब्जी की खेती कर रहे किसानों द्वारा मूली और चुकंदर पर भूरे रंग के धब्बे आने तथा फसलों का आकार विकृत होने की शिकायतों के मद्देनज़र किया गया।

टीम के सदस्यों ने विभिन्न किसानों के खेतों का निरीक्षण कर उनसे बातचीत की और समस्या के समाधान संबंधी जानकारी दी। इस दौरान मिट्टी के नमूने भी एकत्र किए गए। निरीक्षण के दौरान गेहूं की कई फसलों में मैंगनीज़ की कमी पाई गई। गेहूं में मैंगनीज़ की कमी के प्रति किसानों को जागरूक करने के लिए फार्म सलाहकार सेवा केंद्र, मोहाली द्वारा गांव घटौर में एक शिविर आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 50 किसानों ने भाग लिया।

शिविर की शुरुआत करते हुए डॉ. रमिंदर घुम्मण (डी.ई.एस., फसल विज्ञान) ने किसानों को गेहूं की फसल में खरपतवार नियंत्रण, विशेषकर गुल्ली डंडा के प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने गेहूं में मैंगनीज़ की कमी के लक्षणों की पहचान करवाई तथा मैंगनीज़ सल्फेट के प्रयोग से इसकी पूर्ति करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने गेहूं की फसल में पोटैशियम नाइट्रेट के उपयोग के बारे में भी विस्तार से बताया।

डॉ. अवनीत कौर (डी.ई.एस., फल विज्ञान) ने किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रेरित किया और बागवानी एवं सब्जी उत्पादन की ओर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने किसानों को पतझड़ी पौधों की छंटाई, फलदार पौधों के रोपण की विधि तथा उनकी देखभाल के बारे में जानकारी दी।

कृषि विभाग से आए कृषि विकास अधिकारी डॉ. गुरजीत सिंह सिद्धू ने किसानों को सहायक व्यवसाय अपनाने के लिए प्रेरित किया और विभिन्न कौशल-आधारित प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कृषि विभाग द्वारा दी जा रही सब्सिडी और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में भी किसानों को अवगत कराया।

इस जागरूकता अभियान के अंतर्गत किसानों को प्रदर्शन हेतु मैंगनीज़ सल्फेट भी उपलब्ध करवाया गया। अंत में किसानों ने वैज्ञानिकों के साथ संवाद कर अपनी समस्याएं साझा कीं। शिविर का समापन उपयोगी सुझावों और धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

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