खबरीलाल टाइम्स डेस्क :दिल्ली में भाजपा और अफसरों के बीच विवाद: स्पीकर को करना पड़ा शिकायत का सामना
दिल्ली में भाजपा और दिल्ली सरकार के अफसरों के बीच तकरार एक नया मोड़ ले चुकी है। भाजपा ने दिल्ली सरकार के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्पीकर से शिकायत की है। भाजपा का कहना है कि दिल्ली सरकार के अफसर भाजपा नेताओं के काम में अडचन डाल रहे हैं और उनके लिए जरूरी सरकारी दस्तावेजों की आपूर्ति में जानबूझकर देरी की जा रही है।
भा.ज.पा. के नेताओं का आरोप है कि यह कदम दिल्ली सरकार द्वारा जानबूझकर उठाया जा रहा है ताकि उनकी पार्टी की गतिविधियों को नुकसान पहुंचे। खासकर जब बात विधानसभा सत्र की हो, तो उनके द्वारा की गई शिकायतें और भी गंभीर हो जाती हैं, क्योंकि पार्टी को आरोप है कि अफसर सत्ताधारी दल के दबाव में आकर काम कर रहे हैं।
स्पीकर ने इस मामले को लेकर गंभीरता दिखाई और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। भाजपा के नेताओं ने स्पीकर से यह भी अपील की है कि वह इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएं ताकि किसी भी तरह की राजनीतिक हस्तक्षेप को रोका जा सके। वहीं, दिल्ली सरकार की तरफ से इस मामले पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है, लेकिन पार्टी के प्रवक्ताओं का कहना है कि अफसर पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं।
यह विवाद आगामी विधानसभा सत्र और दिल्ली के राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि दोनों ही प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति तेज हो गई है।
राजनीति में कब क्या हो जाए, यह कहना मुश्किल है। दिल्ली की राजनीति में जो दिक्कतें पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को होती थीं, वही अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) को भी सामना करना पड़ रहा है। बीजेपी विधायकों ने हाल ही में वही शिकायत की, जो आम आदमी पार्टी की सरकार पिछले 10 वर्षों से करती आई थी। यह बदलाव दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है, और इस मौके का फायदा आम आदमी पार्टी को भी मिला है।
बीजेपी के विधायकों ने दिल्ली सरकार के अफसरों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें अधिकारियों द्वारा जानबूझकर काम में अड़चन डालने और सरकारी दस्तावेजों की आपूर्ति में देरी की शिकायत की गई है। यह वही शिकायतें हैं, जो आम आदमी पार्टी ने पहले भाजपा सरकार पर लगाई थीं। अब इस शिकायत को लेकर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी को घेरने का मौका पाया है और इसे भाजपा के विरोध में एक नया हथियार बनाने की कोशिश की है।
AAP के नेताओं ने कहा कि बीजेपी अब उसी समस्या का सामना कर रही है, जो पहले आम आदमी पार्टी को करना पड़ता था। AAP नेताओं ने इसे बीजेपी की राजनीति की विफलता बताया और कहा कि यह दिखाता है कि सत्ता में बैठकर भी पार्टी अपने अफसरों से काम नहीं ले पा रही है। इस विवाद ने दिल्ली की राजनीति में नया मोर्चा खोल दिया है, और इसे आगामी विधानसभा सत्र में राजनीतिक पारा और भी गरम कर सकता है।
इस विवाद ने यह भी साबित किया है कि राजनीतिक गद्दी पर बैठे हर दल को एक न एक दिन वही समस्याएं झेलनी पड़ती हैं, जो पहले किसी अन्य दल को झेलनी पड़ी थीं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी और आम आदमी पार्टी इस नए विवाद को किस दिशा में ले जाते हैं।