कोई भी व्यक्ति, संस्था या संगठन टीबी रोगियों को गोद ले सकता है साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर, 8 जनवरी: सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन ने जिला निवासियों से अपील की है कि वे क्षय रोग (टीबी) से पीड़ित मरीजों की सहायता के लिए आगे आएं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘निक्षय मित्र’ कार्यक्रम के अंतर्गत कोई भी निजी व्यक्ति, जनप्रतिनिधि, सरकारी या गैर-सरकारी संस्था का कर्मचारी, कोई भी संस्था, कॉर्पोरेशन अथवा कंपनी जिले के किसी भी टीबी मरीज को गोद ले सकती है। इसके अंतर्गत गोद लेने वाला व्यक्ति या संस्था मरीज को छह महीने तक अपने खर्च पर दालें, अनाज, तेल, दूध आदि जैसे पोषण आहार उपलब्ध करवा सकती है। सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन एवं जिला टीबी अधिकारी डॉ. नवदीप सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्षय रोग का पूर्ण उन्मूलन करना है, जिसके लिए समाज के हर वर्ग का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने स्तर पर निरंतर प्रयास कर रही है, लेकिन टीबी मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए सिविल सोसायटी की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए सिविल सर्जन ने बताया कि मरीजों को पोषण आहार उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उनकी या उनके परिवार के सदस्यों की कौशल आधारित प्रशिक्षण, रोजगार दिलाने तथा उपचार प्रबंधन में भी सहायता की जा सकती है। उन्होंने बताया कि टीबी मरीज को गोद लेने वाले व्यक्ति या संस्था को कम से कम एक वर्ष के लिए मरीज को अपनाना होगा तथा छह महीने तक अनुशंसित पोषण सामग्री उपलब्ध करवानी होगी। ऐसे दानदाता व्यक्तियों या संस्थाओं को ‘निक्षय मित्र’ की संज्ञा दी जाएगी। एक व्यक्ति या संस्था एक या एक से अधिक टीबी मरीजों को भी गोद ले सकती है। डॉ. संगीता जैन ने जानकारी दी कि इच्छुक व्यक्ति या संस्था www.nikshay.in वेबसाइट पर लॉग इन कर निक्षय मित्र पंजीकरण फॉर्म भरकर पंजीकरण कर सकती है। इस पोर्टल पर अपनी सुविधा अनुसार टीबी मरीजों का चयन भी किया जा सकता है। इस संबंध में अधिक जानकारी या पंजीकरण हेतु जिला स्वास्थ्य विभाग के टीबी अधिकारी से मोबाइल नंबर 79730 24849 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिला मोहाली में बड़ी संख्या में व्यावसायिक संस्थान मौजूद हैं, जो इस पुनीत कार्य में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों की अधिक से अधिक सहायता करें।
कोई भी व्यक्ति, संस्था या संगठन टीबी रोगियों को गोद ले सकता है साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर, 8 जनवरी: सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन ने जिला निवासियों से अपील की है कि वे क्षय रोग (टीबी) से पीड़ित मरीजों की सहायता के लिए आगे आएं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘निक्षय मित्र’ कार्यक्रम के अंतर्गत कोई भी निजी व्यक्ति, जनप्रतिनिधि, सरकारी या गैर-सरकारी संस्था का कर्मचारी, कोई भी संस्था, कॉर्पोरेशन अथवा कंपनी जिले के किसी भी टीबी मरीज को गोद ले सकती है। इसके अंतर्गत गोद लेने वाला व्यक्ति या संस्था मरीज को छह महीने तक अपने खर्च पर दालें, अनाज, तेल, दूध आदि जैसे पोषण आहार उपलब्ध करवा सकती है। सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन एवं जिला टीबी अधिकारी डॉ. नवदीप सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्षय रोग का पूर्ण उन्मूलन करना है, जिसके लिए समाज के हर वर्ग का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने स्तर पर निरंतर प्रयास कर रही है, लेकिन टीबी मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए सिविल सोसायटी की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए सिविल सर्जन ने बताया कि मरीजों को पोषण आहार उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उनकी या उनके परिवार के सदस्यों की कौशल आधारित प्रशिक्षण, रोजगार दिलाने तथा उपचार प्रबंधन में भी सहायता की जा सकती है। उन्होंने बताया कि टीबी मरीज को गोद लेने वाले व्यक्ति या संस्था को कम से कम एक वर्ष के लिए मरीज को अपनाना होगा तथा छह महीने तक अनुशंसित पोषण सामग्री उपलब्ध करवानी होगी। ऐसे दानदाता व्यक्तियों या संस्थाओं को ‘निक्षय मित्र’ की संज्ञा दी जाएगी। एक व्यक्ति या संस्था एक या एक से अधिक टीबी मरीजों को भी गोद ले सकती है। डॉ. संगीता जैन ने जानकारी दी कि इच्छुक व्यक्ति या संस्था www.nikshay.in वेबसाइट पर लॉग इन कर निक्षय मित्र पंजीकरण फॉर्म भरकर पंजीकरण कर सकती है। इस पोर्टल पर अपनी सुविधा अनुसार टीबी मरीजों का चयन भी किया जा सकता है। इस संबंध में अधिक जानकारी या पंजीकरण हेतु जिला स्वास्थ्य विभाग के टीबी अधिकारी से मोबाइल नंबर 79730 24849 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिला मोहाली में बड़ी संख्या में व्यावसायिक संस्थान मौजूद हैं, जो इस पुनीत कार्य में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों की अधिक से अधिक सहायता करें।
